पूरा प्रवचन
सुनो बेटा। जिस जगह पर पति का मान-सम्मान नहीं हो, वहां स्त्री को भूल कर भी नहीं जाना चाहिए। ध्यान से सुनना। जहां पति का सम्मान नहीं है, वहां बार-बार जाना ठीक नहीं, क्योंकि पति के मान-सम्मान से बढ़कर गृहस्थ जीवन में बहुत कम चीजें होती हैं। जहां आपके पति का आदर हो, वहीं जाओ। भले फिर वह आपका मायका ही क्यों न हो। और सुनो, यह नियम केवल स्त्रियों पर ही लागू नहीं होता। जहां नारी का सम्मान नहीं हो, वहां पति को भी नहीं जाना चाहिए, क्योंकि जहां स्त्री का मान होता है, वहीं घर में प्रेम टिकता है और वहीं भगवान का वास माना जाता है। हमारे शास्त्र भी यही कहते हैं जहां नारी का सम्मान है, वहीं देवता रमते हैं। बात मन में धर लेना। रिश्ता वही सच्चा है, जहां दोनों एक दूसरे का मान बचाएं। राधे-राधे।



