पूरा प्रवचन
भाई ऐसा होना चाहिए की जब पूरी दुनिया साथ छोड़ दे तब वह कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहे। क्योंकि भाई केवल एक रिश्ता नहीं होता, वोह इंसान की दाहिनी भुजा होता है। भाई मरे बल घटे, पिता मरे छत जाए। जिस दिन मरेगी महतारी, सारा जग सूना हो जाए। भाई सच में दाहिनी भुजा होता है। अगर भाई जीवित है और साथ खड़ा है तो समझो आपसे ज्यादा बलवान कोई नहीं। लेकिन भाई अगर दुनिया छोड़ कर चला जाए, तो समझो इंसान का आधा बल उसी दिन समाप्त हो जाता है। इसलिए भाई साथ है तो उससे प्रेम से बात कीजिए। रिश्ते में नाराजगी हो सकती है, दूरी नहीं। राधे राधे।



