पूरा प्रवचन
प्रियजनों, मनुष्य का सबसे बड़ा दुख बाहर की परिस्थितियां नहीं है। सबसे बड़ा दुख है भीतर की अशांति। जब मन बार-बार डरता है, जब हृदय टूटता है, जब जीवन की राह समझ नहीं आती, तब एक ही सहारा है भगवान का नाम। भगवान के नाम में इतनी शक्ति है कि अशांत मन को भी शांति मिलने लगती है और भारी हृदय भी हल्का हो जाता है। इसलिए जब भी मन घबराए एक पल रुकिए आंखें बंद कीजिए और प्रेम से बोलिए श्री राम जय राम जय जय राम। देखना भीतर का अंधेरा कम होने लगेगा। याद रखिए भगवान का नाम केवल शब्द नहीं जीवन का सहारा है।



