निर्जला एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते? | इसके पीछे का रहस्य 🙏 #shorts
कर्म और विश्वास

निर्जला एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते? | इसके पीछे का रहस्य 🙏 #shorts

Why Don't We Eat Rice on Nirjala Ekadashi? | The Secret Behind It 🙏 #shorts

Ainand Maharaj0:4925 जून 2026
एकादशी पर चावल को जीव मानकर उसका त्याग मन, वचन और कर्म की शुद्धि के लिए आवश्यक है।

निर्जला एकादशी पर चावल खाने का निषेध और इसके पीछे की पौराणिक कथा।

पूरा प्रवचन

आज मिर्जला एकादशी है। पर क्या आपने कभी सोचा, इस दिन चावल खाना मना क्यों है? इसके पीछे एक बड़ी गहरी कथा है। शास्त्रों में कहा गया है, महर्षि मेदा ने जब अपने शरीर का त्याग किया तो उनका अंश इसी पवित्र धरती में समा गया और जिस दिन ये हुआ वही था एकादशी का दिन। उसी अंश से जौ और चावल की उत्पत्ति हुई। इसीलिए इस दिन चावल को निर्जीव अन्न नहीं, एक जीव माना जाता है और एकादशी के पवित्र दिन किसी जीव का सेवन मन को विचलित करता है, साधना को कमजोर। इसलिए यह व्रत सिर्फ भूखा रहने का नहीं है। ये है मन, वचन और कर्म की शुद्धि का। जब आप एक दिन के लिए जीव के स्वाद को त्यागते हैं, तब आप अपनी आत्मा के स्वाद को पहचानते हैं। तो आज इस निर्जला एकादशी पर सिर्फ व्रत मत रखिए, इसका अर्थ भी समझिए और मुझे कमेंट में बताइए आपके घर में यह व्रत कौन-कौन रखता है? जय श्री हरि!

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