पूरा प्रवचन
जब डर घेरे चारों तरफ से, नाम लो बस हनुमान का। पर्वत उठाए, लंका जलाए, काम है पवन पुत्र का। अरे डरता क्यों, रुकता क्यों? तू साथ है तेरे बजरंगबली। एक बार बोल जय हनुमान, हट जाएगी हर मुश्किल। यही जय हनुमान, जय बजरंगी। लाल लंगोटी, शक्ति अनंगी, राम के भक्त, रण के वीर। संकट कांटे हारे।



