पूरा प्रवचन
प्यारे जनों, आज आदमी थका कम है। उलझा हुआ ज्यादा है। सुबह उठते ही भगवान का नाम नहीं, पहले मोबाइल का ध्यान है। रात को आत्मचिंतन नहीं, लास्ट सीन का ही ज्ञान है। फिर कहता है महाराज जी मन अशांत है। अरे भाई, जहाँ हर समय दुनिया भरी होगी, वहाँ शांति कैसे टिकेगी। थोड़ा मोबाइल को साइड रखो। थोड़ा भगवान को याद करो। राधे राधे.



