पूरा प्रवचन
रुको, आज रविवार है और जिस तरह आज की सुबह शुरू करोगे, पूरा हफ्ता वैसा ही चलेगा। एक बात सुन लो, ज्यादातर लोग रविवार की सुबह कैसे शुरू करते हैं? मोबाइल, फिर थोड़ा और मोबाइल। फिर सोचते हैं, चलो आज तो छुट्टी है, आराम करते हैं और दोपहर तक पता ही नहीं चलता। दिन निकल गया, मन भारी ही रहा। राम जी की एक बात याद रखो। वो रोज सुबह सबसे पहले गुरु को प्रणाम करते थे, फिर दिन की शुरुआत करते थे। मतलब दिन की दिशा सुबह ही तय हो जाती है। तुम्हारा रविवार अगर मोबाइल से शुरू होगा, तो दिन भर दिमाग भी मोबाइल जैसा ही चलेगा। बेचैन इधर उधर भागता हुआ। लेकिन अगर सुबह उठकर दो मिनट आंख बंद करके सीताराम बोल लो, तो वो दो मिनट पूरे दिन पर असर डालते हैं। मन शांत होता है, सोच साफ होती है और रिश्तों में भी नर्मी आती है। तो आज एक प्रयोग करो, उठते ही मोबाइल मत उठाना। पहले दो मिनट आंख बंद करके राम का नाम लो। फिर देखो ये रविवार बाकी रविवारों से कैसा अलग लगता है। अगर ये बात दिल तक पहुंची हो, तो कमेंट में लिखो सीताराम।



