पूरा प्रवचन
सुनो रे, जब भाई बहनों के घर जाकर हर बात में नहीं बोलते, तो बहनों को भी भाइयों के घर में हर बात में नहीं बोलना चाहिए। कुछ बहनों ने बीच-बीच में बोलकर आधे से ज्यादा खानदान तबाह कर दिए। मायके में मेहमान बनकर जाओगी, तो हमेशा मान सम्मान पाओगी। बेवजह की दखलअंदाजी अपनों के ही दिलों में दूरियां पैदा कर देती है। बात कड़वी है पर सच है। राधे राधे।



