पूरा प्रवचन
सुनो बेटा। जिस घर में पति अपनी पत्नी का सम्मान नहीं करता, उससे प्रेम से बात नहीं करता और बार बार सबके सामने उसका मान गिराता है, धीरे धीरे बाकी लोग भी उसे हल्के में लेने लगते हैं। रिश्तेदार उसकी बात का महत्व कम समझते हैं। ससुराल में उसका आदर घटने लगता है और कई बार मायके में भी लोग उसे पहले जैसा सम्मान नहीं देते। लेकिन जिस स्त्री के साथ उसका पति प्रेम और सम्मान से खड़ा रहता है, उसका मान दोनों परिवारों में अपने आप बढ़ जाता है। भाभी उसका आदर करती है, मां बाप उसका मान रखते हैं और आस पड़ोस के लोग भी उसे सम्मान से बुलाते हैं क्योंकि दुनिया अक्सर वही व्यवहार सीखती है जो वो पति को अपनी पत्नी के साथ करते देखती है। इसलिए याद रखना पत्नी का सम्मान केवल उसका अधिकार नहीं, पति के संस्कारों की पहचान भी है। राधे राधे।



