पूरा प्रवचन
अपनी बहन बेटियों को हर शुभ काम में जरूर बुलाया करो। त्योहार हो, पूजा हो, शादी हो या घर का कोई छोटा-सा कार्यक्रम। जिस घर में बहन और बेटी के चरण पड़ते हैं, वहाँ केवल रौनक नहीं आती, लक्ष्मी का भाव भी आता है। जब तक माता-पिता जीवित रहते हैं, वे बेटी को मायके बुला लेते हैं, लेकिन उनके जाने के बाद वही बेटी अपने भाई के बुलावे का इंतजार करती रह जाती है। वो मन में सोचती है, शायद इस बार मेरा भाई मुझे बुलाएगा। याद रखना बेटा, बेटी पराई नहीं होती, बस उसका घर बदल जाता है। इसलिए हर शुभ कार्य में सबसे पहले अपनी बहन बेटी को याद करना। उन्हें बुलाने से खर्च नहीं बढ़ता, घर का प्रेम और आशीर्वाद बढ़ता है। सहमत हो तो लिखो। बहन बेटी घर की लक्ष्मी है। राधे-राधे।



