पूरा प्रवचन
रुको बेटा, आज बात सिर्फ बहन की है। बहन बोझ नहीं होती। बहन तो घर की वह रोशनी होती है जो खुद जलकर भी पूरे घर को उजाला देती है। एक बात याद रखना, जिस आंगन में बहन हंसे, वहां खुशियों का वास। जिस घर में बहन रो पड़े, सूना लगे निवास। बहन सिर्फ राखी बांधने वाली नहीं होती। वह भाई की पहली दोस्त, मां-बाप की मुस्कान और घर की इज्जत होती है। उसकी आवाज मत दबाओ। उसके सपनों को छोटा मत समझो। क्योंकि जिस घर में बहन की इज्जत नहीं होती, वहां दीवारें तो खड़ी रहती हैं, पर घर टूट जाता है। बेटा, बहन को सिर्फ रक्षा का वचन मत दो। उसके सपनों में साथ खड़े होने का हौसला भी दो। याद रखना, जो भाई अपनी बहन की इज्जत करता है, उसके जीवन में भगवान की कृपा कभी कम नहीं होती। बहन को प्यार दो, सम्मान दो और उड़ने की आज़ादी दो। राधे-राधे।



