पूरा प्रवचन
भूलकर भी बिना पंचांग देखे दस जुलाई को एकादशी व्रत मत कर लेना, क्योंकि इस बार योगिनी एकादशी को लेकर दस और ग्यारह जुलाई की तिथि में भ्रम है। दस जुलाई को सुबह कुछ समय तक दशमी तिथि है, उसके बाद एकादशी तिथि शुरू होती है। इसीलिए कई परंपराओं में दस जुलाई को स्मार्त योगिनी एकादशी मानी जा रही है और ग्यारह जुलाई को वैष्णव गौण एकादशी मानी जा रही है। इसलिए बेटा अंधविश्वास या डर में आकर फैसला मत करो। अपने घर की परंपरा, अपने गुरु, पंडित जी या सही पंचांग देख कर ही व्रत करो। एकादशी व्रत श्रद्धा का विषय है, डर फैलाने का विषय नहीं। यह जानकारी अपने परिवार में जरूर भेज देना ताकि कोई भी भ्रम में गलत निर्णय ना ले। जय श्री हरि।



