माँ के बाद मायका कभी अपना नहीं लगता
माँ-बेटी का रिश्ता

माँ के बाद मायका कभी अपना नहीं लगता

After Mother, Home Never Feels the Same

Ainand Maharaj0:476 जुलाई 2026
माँ ही बेटी और मायके के रिश्ते को जीवनभर जोड़े रखती है।

माँ के बिना मायका पराया लगने लगता है, क्योंकि माँ ही इस रिश्ते को जोड़े रखती है।

पूरा प्रवचन

मां के रहते मायका कभी पराया नहीं लगता। मां चली जाए तो वही घर भी दूर लगने लगता है। जब तक मां जीवित रहती है ना बेटी, कोई बुलाए या ना बुलाए, मां हर तीज त्योहार पर फोन जरूर करती है। "मेरी लाडली इंतजार कर रही होगी।" फिर भाई से कहती है, "जा रे, अपनी बहन को लेकर आ।" और जब बेटी मायके पहुंचती है तो मां दौड़कर उसे सीने से लगा लेती है। चेहरा देखकर ही समझ जाती है कि बेटी खुश है या मन में कोई दुख छिपाए बैठी है। लेकिन मां के जाने के बाद घर वही रहता है, आंगन वही रहता है। बस बेटी को पुकारने वाली आवाज नहीं रहती। याद रखना, मां ही बेटी और मायके के रिश्ते को जीवनभर जोड़े रखती है। जिनकी मां साथ है, आज उनसे प्रेम से बात जरूर करना। राधे राधे।

माँमायकाभावुकजीवन की सीखरिश्ते

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