पूरा प्रवचन
जो माँ-बाप को बोझ समझता है, वो ये बात ध्यान से सुन ले। जिस माँ ने तुम्हें गोद में उठाया, आज अगर वो सहारे से चल रही है, तो उसे बोझ मत समझना। जिस पिता ने अपनी इच्छाएं मारकर तुम्हारी जरूरतें पूरी की, आज अगर वो दो बार एक ही बात पूछ लेते हैं, तो उनसे चिढ़ना मत।
याद रखना, माँ-बाप बूढ़े नहीं होते, बस तुम्हें बड़ा करते-करते थक जाते हैं। उनकी आवाज़ धीमी हो सकती है, चाल धीमी हो सकती है, लेकिन उनका आशीर्वाद आज भी तुम्हारे जीवन की सबसे बड़ी ताकत है। पैसा, मकान, गाड़ी, सब वापस कमाया जा सकता है, लेकिन माँ-बाप का साथ एक बार चला जाए, तो फिर सिर्फ तस्वीरें रह जाती हैं।
आज अगर माँ-बाप साथ हैं, तो उन्हें समय दो, इज्जत दो और दो मीठे शब्द दो। क्योंकि जिस घर में माँ-बाप का सम्मान होता है, वहाँ भगवान की कृपा अपने आप रहती है। अगर बात दिल को लगी हो, तो कमेंट में लिखो राधे-राधे।



