माँ को कोई नहीं ले गया… सबके पास अपना बहाना था | Emotional Pravachan | Ainand Maharaj
परिवार के मूल्य

माँ को कोई नहीं ले गया… सबके पास अपना बहाना था | Emotional Pravachan | Ainand Maharaj

No One Took Mother... Everyone Had Their Excuse | Emotional Pravachan | Ainand Maharaj

Ainand Maharaj0:3617 जून 2026
जो माँ-बाप को बोझ समझता है, उसके बच्चे भी उसे बोझ समझेंगे।

इस प्रवचन में माँ के प्रति बच्चों की जिम्मेदारी और त्याग पर जोर दिया गया है।

पूरा प्रवचन

जायदाद के तीन हिस्से हो गए। मकान बंट गया, जमीन बंट गई, पैसा बंट गया। बस एक चीज किसी ने नहीं ली। मां। बेटे कहते हैं मेरा हिस्सा बराबर हो। पर जब मां की बात आती है, तब सब कहते हैं, मेरे पास जगह नहीं। जिसने तुम्हें नौ महीने पेट में जगह दी, उसके लिए तुम्हारे घर में एक कोना नहीं।

सुनो, जायदाद बांटने से कोई बड़ा नहीं होता। मां को रखने से इंसान बड़ा होता है। याद रखो, जो मां बाप को बोझ समझता है, उसके बच्चे उसे भी एक दिन बोझ समझेंगे। यह जायदाद नहीं, यह कर्म है। जो दोगे वही लौटेगा। जिस घर में मां की जगह है, उस भगवान की जगह है। राधे राधे।

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