पूरा प्रवचन
एक लड़के का कॉलेज में आखिरी साल था। फीस भरने की तारीख निकलने वाली थी, लेकिन घर में पैसे नहीं थे। पिता ने धीरे से कहा, इस बार शायद पढ़ाई रोकनी पड़ेगी। लड़का चुपचाप अपने कमरे में चला गया। अगली सुबह मां ने उसके हाथ में फीस के पूरे पैसे रख दिए। बेटे ने हैरानी से पूछा, मां इतने पैसे कहां से आए? मां मुस्कुरा कर बोली, कुछ पुराने पैसे रखे थे। कई महीने बाद घर में एक शादी थी। बेटे ने देखा मां के गले और हाथों में वे सोने के गहने नहीं थे, जिन्हें वह हर खास मौके पर पहनती थी। कभी उसे समझ आया, उसकी पढ़ाई रुकी नहीं थी, क्योंकि मां ने अपने गहने बेच दिए थे। बेटे की डिग्री पर नाम उसका था, लेकिन उस डिग्री में मां का त्याग लिखा था। मां के प्रेम को प्रणाम।



