पूरा प्रवचन
एक बात ध्यान से सुनना। बहन का मायका उसका हक है। उसका अपना घर है। लेकिन मायके में प्यार लेकर जाना चाहिए। हुक्म चलाने नहीं। भाई भाभी के घर में हर बात पर राय देना, हर फैसले में बोलना और हर छोटी बात को बड़ा बनाना यह अपनापन नहीं। धीरे-धीरे दखल अंदाजी बन जाता है। मेहमान बनकर जाओगे तो इज्जत मिलेगी। मालिक बनकर जाओगे तो रिश्तों में दूरी आ जाएगी। मायके से रिश्ता प्रेम का रखो। कंट्रोल का नहीं क्योंकि घर प्यार से जुड़ते हैं। बीच बचाओ और ताने से नहीं। राधे राधे



