पूरा प्रवचन
जिन बातों से मन अशांत हो, उनसे दूरी बना लो। हर बात का जवाब देना जरूरी नहीं होता और हर इंसान को समझाना भी जरूरी नहीं होता। कई बार हम उन्हीं लोगों के पीछे पड़े रहते हैं, जो हमारी बात सुनना ही नहीं चाहते। कोई बार-बार ताना देता है, कोई हर बात में कमी निकालता है, कोई आपकी अच्छाई को भी कमजोरी समझता है, तो वहां खुद को साबित मत करो। बस शांत रहो, थोड़ा पीछे हटो और अपनी ऊर्जा सही जगह लगाओ। याद रखना, जहां आपकी इज्जत बार-बार टूटे, वहां रुकना समझदारी नहीं। और जहां मन रोज दुखे, वहां दूरी बनाना गलत नहीं। भगवान ने आपको जीवन दिया है। हर किसी को खुश करने की सजा नहीं। अगर बात दिल को लगी हो, तो कमेंट में लिखो। राधे राधे।



