पूरा प्रवचन
ध्यान रखना बेटा। दूसरे के जूते और दूसरे के कपड़े नहीं पहनना चाहिए क्योंकि जिसके कपड़े या जूते तुम पहनोगे ना उसकी आदतों और ऊर्जा का असर भी तुम पर पड़ता है। इसलिए अपने कपड़े पहनो, अपने जूते पहनो। किसी का भी कपड़ा, किसी का भी जूता और किसी की भी चीज पहनने की आदत मत डालो। बात छोटी है पर ध्यान रखने वाली है।



