जो अपने ही घर में अपमान सह रहा है, ये सुनो
आत्म-सम्मान

जो अपने ही घर में अपमान सह रहा है, ये सुनो

Listen If You Are Being Disrespected at Home

Ainand Maharaj0:543 जून 2026
अपमान सहने पर चुप रहना भी एक ताकत है।

इस प्रवचन में बताया गया है कि अपमान सहने पर धैर्य और कर्म से कैसे खुद को मजबूत बनाना चाहिए।

पूरा प्रवचन

जिस इंसान को बाहर वाले नहीं, अपने ही घर वाले अपमानित करते हैं, उसका दर्द सबसे गहरा होता है, क्योंकि बाहर वाला कुछ कह दे तो इंसान सह लेता है। लेकिन जब अपने ही बार बार ताना दें, बात बात पर नीचा दिखाएं और आपकी मेहनत को मजाक समझे, तो इंसान बाहर से चुप रहता है लेकिन अंदर से टूटने लगता है।

याद रखना हर बार जवाब देना जरूरी नहीं होता। कभी कभी चुप रहना भी अपनी इज्जत बचाने का तरीका होता है। लेकिन चुप रहने का मतलब कमजोर होना नहीं है। चुप रहकर खुद को मजबूत बनाओ, अपने कर्म सुधारो, अपनी दिशा ठीक करो। क्योंकि समय जब बदलता है तो वही लोग पूछते हैं तुमने ये सब कैसे कर लिया? भगवान सब देख रहे हैं। तुम्हारा अपमान भी, तुम्हारा धैर्य भी और तुम्हारी सच्ची मेहनत भी। इसलिए टूटना मत। जिस दिन भगवान तुम्हारा समय बदलेंगे, तुम्हारा जवाब तुम्हारे शब्द नहीं, तुम्हारी सफलता देगी.

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